क्रांति हैडलाइन, दिल्ली : भारत में पिछले 2-3 सालों से स्टार्टअप कल्चर का काफी बोल-बाला है। स्टार्टअप काम करने के लिए कूल जगह माने जाते हैं। लेकिन एक ताजा रिपोर्ट स्टार्टअप्स को लेकर एक बुरी खबर लाई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले इसी साल मतलब 2022 में ही भारत में 60,000 से अधिक जॉब्स जा सकती हैं।
सीएनबीसी ने आईएएनएस की रिपोर्ट के हवाले से लिखा है कि एडटेक और ई-कॉमर्स में सबसे ज्यादा नौकरियां जाने की आशंका है। रिपोर्ट के मुताबिक, ओला, ब्लिंकिट, (वाइट हैट जूनियर, टॉपर), अनअकैडमी, वेदांतु, , मोबाइल प्रीमियर लीग लिडो लर्निंग, ट्रेल, और जैसी कई कंपनियां अब तक लगभग 12,000 कर्मचारियों को बाहर का दरवाजा दिखा चुकी हैं।
फंडिंग मिल रही है लेकिन लोग निकाले जा रहे
इस रिपोर्ट में इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स के हवाले से लिखा गया है कि री-स्ट्रक्चरिंग और कॉस्ट मैनेजमेंट के नाम पर इस साल कम से कम 50,000 कर्मचारियों को निकाला जा सकता है। यह बात अलग है कि इन स्टार्टअप्स को लाखों-करोड़ों में फंडिंग भी मिल रही है।
ऐसे स्टार्टअप्स लोगों को निकालने का काम सबसे पहले करेंगे, जो कोरोना महामारी के समय सबसे ज्यादा लाभ में रहे या फले-फूले थे। इसका कारण यह बताया गया है कि फिलहाल ऐसे स्टार्टअप वैल्यूएशन के कारण भारी दबाव में हैं और फंड जुटाना अब पहले के मुकाबले काफी मुश्किल हो गया है।
अमेरिका में प्रभाव
वैश्विक स्तर पर, नेटफ्लिक्स, वित्तीय सेवा प्रदान करने वाली कंपनी रॉबिनहुड और कई क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स ने अपने कर्मचारियों की संख्या को कम किया है ।अमेरिका में तकनीकी विशेषज्ञों की स्थिति बदतर है। क्रंचबेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में अब तक अमेरिका में 22,000 से अधिक कर्मचारियों की नौकरी चली गई है।





