
15 अप्रैल ,क्रांतिहैडलाइन
Punjab police Vs BSF: फरीदकोट पुलिस ने पाकिस्तान से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के आरोप में दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. इसके अगले ही दिन पुलिस ने दावा किया कि बीएसएफ की तरफ से मदद न मिलने के कारण आरोपी भाग जाने में सफल रहे. बीएसएफ के कमांडेंट दुरजे लाल ने पुलिस के आरोपों को खारिज किया है.
ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के एक मामले में पंजाब पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) आमने-सामने हैं. पंजाब की फरीदकोट पुलिस ने बीएसएफ अधिकारियों पर जांच में सहयोग न करने का आरोप लगाया है और दावा किया है कि इसकी वजह से दो आरोपी फरार हो गए. पुलिस का कहना है कि ड्रग्स और हथियारों की तस्करी का ये मामला पाकिस्तान से जुड़ा हुआ है. इसमें सहयोग के लिए बीएसएफ अधिकारियों से बार-बार अनुरोध किया गया, लेकिन उन्होंने मदद नहीं की. उधर बीएसएफ ने पुलिस के आरोपों को खारिज किया है और दावा किया कि जांच के दौरान हम पुलिस को हरसंभव सहयोग देते हैं.
पाकिस्तान से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के आरोप में फरीदकोट पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. इनके नाम जसविंदर सिंह उर्फ जस्सा निवासी गांव हबीब वाला और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी दाल गांव तरनतारन हैं. अपराध जांच एजेंसी (सीआईए) ने इन दोनों पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21सी/61 और 85 के अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54 और 59 के तहत मामला दर्ज किया. इसके अगले ही दिन फरीदकोट पुलिस ने बीएसएफ पर जांच में सहयोग न करने का बड़ा आरोप लगा दिया. पुलिस ने दावा किया कि बीएसएफ की तरफ से मदद न मिलने के कारण आरोपी भाग जाने में सफल रहे.
दि ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, सीआईए फरीदकोट ने अपनी जनरल डायरी रिपोर्ट में लिखा कि केस में सहयोग के लिए बीएसएफ अधिकारियों से बार-बार अनुरोध किया गया, लेकिन उनकी तरफ से सहायता नहीं की गई. फरीदकोट पुलिस ने कहा कि इसमें खेमकरण पुलिस को भी शामिल किया गया. साथ ही, बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 15 किमी से बढ़ाकर 50 किमी करने की केंद्र की अधिसूचना के आधार पर बीएसएफ अधिकारियों से भी संपर्क किया गया. खेमकरण के एसएचओ कमलजीत राय ने आरोप लगाया कि अक्सर बीएसएफ की तरफ से सहयोग की कमी होती है. हमने कई बार बैठकों में बीएसएफ अधिकारियों से इस मामले पर चर्चा की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. एसएसपी अवनीत सिद्धू ने कहा कि इस प्रकरण की जांच की जा रही है और मामले को बीएसएफ अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है.
दूसरी तरफ, बीएसएफ के कमांडेंट दुरजे लाल ने पुलिस के आरोपों को खारिज किया है. खेमकरण में तैनात बीएसएफ कमांडेंट दुरजे लाल ने दावा किया कि हम जांच के दौरान पुलिस को हरसंभव सहयोग देते हैं. बीएसएफ पंजाब पुलिस, एनसीबी सहित तमाम एजेंसियों के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाती रही है.
Author: Kranti Headline
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